बहुजन समाज पार्टी पर साधा निशाना,  बोले अब तो भाई चन्द्रशेखर आज़ाद बहुजन समाज के लिए मशीहा  एडवोकेट शानेन्द्र वर्मा आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम से राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य

बहुजन समाज पार्टी पर साधा निशाना,  बोले अब तो भाई चन्द्रशेखर आज़ाद बहुजन समाज के लिए मशीहा  एडवोकेट शानेन्द्र वर्मा आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम से राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य

   

बहुजन समाज पार्टी पर साधा निशाना,  बोले अब तो भाई चन्द्रशेखर आज़ाद बहुजन समाज के लिए मशीहा  एडवोकेट शानेन्द्र वर्मा आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम से राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य

संवाददाता ।

लखनऊ। एडवोकेट शानेन्द्र वर्मा से प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने पूछा कि आप बहुजन समाज की राजनीति कर रहे हैं तो आप ये बताइये की बहन कुमारी मायावती औऱ चन्द्रशेखर आज़ाद में कौन बहुजन समाज का बेहतर नेता है तो शानेन्द्र वर्मा ने बताया कि मैने लगभग 20 वर्षों से अधिक बहुजन समाज पार्टी में काम किया है और बहन कुमारी मायवती हमारी पूर्व कि नेता थीं जहाँ तक मैं उन्हें जनता हूं कि मान्यवर काशीराम साहब ने उन्हें बहुजन समाज का नेता बनाया क्योंकि उनके सर पर कांशीराम साहब का हाथ था। इसलिए उनका राजनीतिक सफ़र आसान रहा है लेकिन जहां तक भाई एडवोकेट चन्द्रशेखर आज़ाद की बात है तो इनके ऊपर किसी की भी छत्र छाया नहीं हैं वे अपने ही दम पर अपने ही कर्मों से राजनीति में आये हैं। लेकिन राजनीति विचारधारा कांशीराम साहब वाली है इसलिये हम सब लोग भाई को पसंद करते हैं ।मेरी समझ से आज के समय में बहुजन समाज के नेता चन्द्रशेखर आज़ाद हैं दूसरा सवाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में आप इन दोनों नेताओं में किसे बेहतर मानते हैं तो एडवोकेट शानेन्द्र वर्मा ने कहा कि बहन कुमारी मायवती एक बेहतर प्रशासक रह चुकी हैं और उनके कार्य काल में अधिकारियों की सिट्टी पिट्टी गुम रहती थी उन के शासन करने का तरीका अच्छा था। लेकिन अब एक दुर्भाग्य की बहन मायावती राजनीतिक मामलों में फेल हो चुकी हैं 9 अक्टूबर 2006 में कांशीराम के मरने के बाद उनकी अगुवाई में साहब की सहानुभूति की लहर में वर्ष 2007 में बहुजन समाज की सरकार बनी लेकिन उसके बाद लगातार वोट बैंक और वोट का प्रतिशत गिरता चला गया। यह एक राष्ट्रीय पार्टी का दुर्भाग्य है कि आज उसके पास ज्यादा कुछ भी नहीं है।बहन मायावती ने अपने वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया और एक भी नेता पैदा नहीं कर पाईं एक नेता उनके पास आकाश आनन्द आया भी तो उसे अपरिपक्व घोषित कर दिया।जहां तक भाई चन्द्रशेखर आज़ाद की बात है तो इनका कोई भी मुख्यमंत्री काल देखा नहीं गया है लेकिन मुझे पुर्ण विश्वास है कि भाई मुख्यमंत्री के रूप में बहुत ही सफल रहेंगें।इस के बाद जब शानेन्द्र वर्मा से पुनः सवाल किया कि बहुत से लोगों का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी और आज़ाद समाज पार्टी में दोनों को गठबंधन करके चुनाव लड़ने पर बहुजन समाज की सरकार बन सकती हैं तो इसके जवाब में शानेन्द्र वर्मा ने कहा कि यह तो हमारे बस में नहीं है कि हम गठबंधन करा सके लेकिन हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी कांशीराम एवं सांसद चंदशेखर आज़ाद यह बात कह चुके हैं कि हमने सभी पार्टियों के लिए अपने घर का दरवाजा बड़ा कर दिया है जो भी गठबंधन के लिए आना चाहता है वह आ सकता है परंतु भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर।

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