संगीत और भक्ति से सराबोर हुई सुर ताल संगम की गुरु पूर्णिमा संध्या

संवाददाता।
-दिवंगत पार्श्वगायिका आशा भोंसले की स्मृति में सुर ताल संगम का चतुर्थ श्रद्धांजलि कार्यक्रम सम्पन्न,भक्ति और सुरों की गूंज
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था सुर ताल संगम द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक दिव्य भजन संध्या एवं स्वर कोकिला श्रद्धेया आशा भोंसले जी की स्मृति में चतुर्थ श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अत्यंत स्मरणीय आयोजन में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर संगीत तथा भक्ति रस में डूबकर कार्यक्रम का आनंद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कृष्ण कुमार बाजपेई और श्री अजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। इसके पश्चात विभिन्न कलाकारों और सुर ताल संगम प्रशिक्षण संस्थान के संगीत साधकों के द्वारा प्रस्तुत किए गए गुरु वंदन, भजन, गायन एवं संगीतमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को बेहद सुरमय बना दिया। बेहतरीन प्रस्तुतियों के मधुर स्वरों, सुर-ताल और संगीत की दिव्यता ने उपस्थित सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर सुर ताल संगम परिवार के द्वारा दिवंगत पार्श्वगायिका परम श्रद्धेया आशा भोंसले जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
संस्था की डायरेक्टर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दूरदर्शन एवं आकाशवाणी कलाकार तथा संगीत प्रशिक्षक डॉ जया श्रीवास्तव एवं अविजित श्रीवास्तव समेत सीमा श्रीवास्तव,राजेन्द्र नाथ,अनीता सिंह,सलीम अब्बासी,वंदना श्रीवास्तव,रमन श्रीवास्तव,शिवानी कनोजिया,हिमांशु वर्मा,नीरजा पांडेय,आनंद कुमार तथा सुर ताल संगम के महिला मंच की ब्रांड एम्बेसडर सीमा विरमानी आदि विशेष पदाधिकारियों ने उनके द्वारा गाए गए अमर गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर उन्हें स्मरण किया और उनके संगीत योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों चेतना तिवारी,राधा बाजपेई,निर्मला अवस्थी,रश्मि कुमारी,उन्नति श्री,एम एम भाटिया,अव्युक्त,दिव्या,सौरभ सेठ,शुभम श्रीवास्तव,लीना,शालिनी,शांभवी, एवं समस्त श्रोताओं ने सुर ताल संगम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार भी करते हैं।
अंत में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के द्वारा सभी कलाकारों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया गया।
