पत्रकारपुरम गोमतीनगर,लखनऊ सहारा प्लाजा सोसाइटी द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक कदाचार का अरोप सुबोध श्रीवास्तव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में की

पत्रकारपुरम गोमतीनगर,लखनऊ सहारा प्लाजा सोसाइटी द्वारा वित्तीय एवं
प्रशासनिक कदाचार का अरोप सुबोध श्रीवास्तव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में की

पत्रकारपुरम गोमतीनगर, लखनऊ स्थित सहारा प्लाजा में सहारा प्लाजा ट्रेडर वेल्फेयर सोसाइटी व्यापारी हिर्ता के लिए बनाई गई थी परंतु सोसाइटी के वर्तमान पदाधिकारियों ने व्यापारी हितों को दरकिनार कर स्वार्थ एवं व्यक्तिगत हितों को साधने का साधन बना लिया है। प्रत्येक व्यापारी प्रतिमाह निर्धारित रख रखाव शुल्क सोसाइटी को देता है। इसके अतिरिक्त सोसाइटी के पदाधिकारियों ने आय के अन्य स्रोतों में वृ‌द्धि करते हुए सहारा प्लाजा के चारों मुख्य द्वारों पर विज्ञापन लगा रखे हैं जिसके माध्यम से प्रति ‌द्वार Rs 15000/ प्रतिमाह की दर से कुल Rs 60000/ प्रतिमाह प्राप्त होता है। किसी कंपनी अथवा व्यापारी को अपना प्रचार करने के लिये यदि कैनॉपी लगानी हो तो प्रति दिन की दर से Rs 10000-250000/ देना होता है। पार्किंग ठेकेदार से प्रतिमाह Rs 1.65/ लाख वसूला जाता है। यदि किसी व्यापारी को पानी का कनेक्शन प्राप्त करना हो तो एकमुश्त Rs 1500/ एवं Rs 1000 प्रतिमाह वसूला जाता है। पर्याप्त मात्रा में धनागमन होने के बावजूद सोसाइटी के पदाधिकारियों का कहना है कि धनाभाव के कारण व्यापारियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्लाजा में संभवतः 24 शौचालय लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित् मानचित्र एवं मानक के अनुसार बनाये गए थे इनमे से चार शौचालय उपयोग शुल्क के साथ प्लाजा में संचालित हैं मात्र एक शौचालय सार्वजनिक तौर पर खोला गया था समाजसेवी सुबोध श्रीवास्तव के विरोध एवं संघर्ष के उपरांत एक शौचालय और खोला गया बाकी के शौचालयों को ताला लगा कर एवं दीवार उठा कर बंद कर दिया गया है। शौचालय उपयोग शुल्क प्रत्येक व्यापारी द्वारा वहन नहीं किया जा सकता है। व्यापारियों को सुविधाओं से वंचित रख कर सोसाइटी के धन को निजी उपयोग की सुविधाओं में व्यय किया जा रहा है। सबसे खराब स्थिति किरायेदार दुकानदारों की है उनकी कोई सुनने वाला नहीं है किरायेदार दुकानदारों का शोषण एवं दमन किया जाता है लगभग 85% व्यापारी किरायेदार हैं इसके बावजूद सहारा प्लाजा ट्रेडर्स वेलफेयर सोसाइटी में किरायेदार व्यापारियों की न तो कोई सहभागिता है और न ही कोई प्रतिनिधित्व यह सरासर अन्याय एवं अपमान है किरायेदार दुकानदारों का, सोसाइटी के पदाधिकारी द्वारा गोपनीय तरह से बैडमिंटन कोर्ट एवं टेबल टेनिस कोर्ट का निर्माण कराया गया जिसकी सूचना सार्वजनिक नहीं की गई जिसका उपयोग सोसाइटी के चिंहित् सदस्य एवं विशेष चाटुकारों द्वारा किया जाता है। यह सार्वजनिक धन का मनमाने ढंग से दुप्रयोग है। इसी को कदाचार एवं भृष्टाचार की संज्ञा दी जाती है।
विगत दस वर्षों से सोसाइटी की न तो कोई आम सभा हुई है और न ही पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक तरह से चुनाव कराये गए हैं। सोसाइटी विगत दस वर्षों से निरंतर असंवैधानिक तरह से समान रूप से कार्यरत है। यह सोसाइटी अधिनियम का सीधा उल्लंघन् है।
यह सभी आरोप समाजसेवी एवं व्यवसायी सुबोध श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता करके लगाए एवं मांग करी कि सोसाइटी के पदाधिकारी नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र लोकतांत्रिक तरह से चुनाव कराएं अन्यथा कानूनी कार्यवाही की जायेगी एवं आवश्यकता अनुसार प्लाजा प्रांगण में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। कृपया चैनल को सब्सक्राइब लाईक शेयर कमेन्ट सपोर्ट जरुर करें

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