एटा जिला सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, कर्मचारियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई

एटा जिला सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप, कर्मचारियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई

संवाददाता

कासगंज/लखनऊ। को-ऑपरेटिव बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने एटा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में वित्तीय घोटाले और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन के सहायक महामंत्री जितेंद्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी, निबंधक सहकारिता समेत कई अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग उठाई है।

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 में कर्मचारियों से वसूले गए लगभग 40 लाख रुपये का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके अलावा अमांपुर शाखा में किसानों के खातों में अनियमित ऋण वितरण, ब्याज निर्धारण में गड़बड़ी तथा खातों के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी उठाया गया है।

पत्र में कहा गया है कि बैंक की विभिन्न शाखाओं में ऋण वितरण, वसूली और खातों के संचालन में नियमों की अनदेखी की गई, जिससे बैंक को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है। कर्मचारियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं एक अन्य पत्र में शाखा प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह ने वरिष्ठता सूची और पदोन्नति प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष-1 की अंतिम ज्येष्ठता सूची में गलत तरीके से नाम शामिल किए गए हैं तथा स्थानांतरण नीति और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने मामले में आपत्ति दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने सहकारिता विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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