आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम ने सुना अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ का पक्ष

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम ने सुना अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ का पक्ष
शीर्षक संवाददाता अमर
-सकारात्मक संकेत देते हुए आयोग ने कहा- संस्तुति की प्रतीक्षा करें
लखनऊः आज आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की भ्रमण टीम द्वारा लखनऊ प्रवास के दौरान आज 22 जून को अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के शिष्ट मंडल को पेंशनर्स का पक्ष प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया।
शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए महासंघ के विभागीय श्री पी0के0शर्मा द्वारा आयोग के व्याख्या पुरजोर तरीके से विभिन्न बिन्दुओं यथा-देश की आर्थिक स्थिति,पेंशनरों की संख्या में निरन्तर वृद्धि, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित फार्मूले को आधार मानते हुए न्यूनतम वेतन रु0 70,000/- समझाते हुए ज्वाइंट कंसल्टेटिव यूपीएस द्वारा न्यूनतम वेतन रु0 69,000/- की मांग का समर्थन, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा पेंशन को डिफर्ड-वेज मानते हुए सातवें वेतन आयोग के अनुसार पेंशन संशोधन, पेंशन राशिकरण के क्षतिपूर्ति की बहाली अवधि कम पाये जाने, संयुक्त संसदीय समिति द्वारा 65 वर्ष, 70 वर्ष तथा 75 वर्ष की आयु पर कमशः 05 प्रतिशत, 10 प्रतिशत एवं 15 प्रतिशत की वृद्धि पाये जाने की संस्तुति, पेंशनर को एक माह के पेंशन के बराबर अग्रिम दिये जाने तथा उसकी वसूली 12 माह में पाये जाने, पेंशनरों को भी एल0टी0सी0 की सुविधा प्रदान पाये जाने, राष्ट्रीय पेंशन नीति लागू पाये जाने देश में एक ही चिकित्सा नीति लागू किये जाने आदि बिन्दुओं पर व्यापक
चर्चा की गयी और पेंशनरों का पक्ष रखा गया। वाई कविपिन खंड, गोमतीनगर स्थित रेनान्या घाटल में आयोजित उक्त बैठक में अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के विभागीय पी0के0 शर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त बिन्दुओं के सम्बन्ध में आठ वेतन आयोग के विभागीय द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए वेतन आयोग के रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने की बात कही गयी।
प्रतिनिधि मण्डल में विभागीय पी0के0 शर्मा के अतिरिक्त सर्वश्री शिव शंकर दुबे, इंजी0 क्षमा नाथ दुबे, महेन्द्र त्रिपाठी व योगेश कुमार चौहान भी सम्मिलित थे।
