एडीएम (नगर पूर्वी) द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ के आवेदन पर विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल के प्रबंधन को विद्यालय का कब्जा दिलाने के आदेश

संवाददाता।
लखनऊ। संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल, लखनऊ डा. प्रदीप कुमार से एडीएम (नगर पूर्वी) के विद्यालय प्रबंधन को कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए जाने की सूचना मिलने पर जिला संगठन की ओर से प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. आर पी मिश्र, महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, जिलामंत्री महेश चंद्र एवं प्राचार्य शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक श्री अनिल कुमार वर्मा तत्काल विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल, नरही पहुंचे।
उसके पश्चात विद्यालय प्रबंधिका संतोष रस्तोगी एसीपी आदि पुलिस अधिकारियों को सूचना देने के पश्चात विद्यालय पहुंची।
कुछ समय पश्चात हजरतगंज थाने की पुलिस आई और जब उनसे ताला खुलवाने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने प्रबंधिका से कहा कि पहले फोर्स के लिए नियमानुसार निर्धारित शुल्क जमा करिए और उसके बाद जब आदेश होगा तब ताला खुल जाएगा। ताला खुलवाने के लिए काफी जद्दोजहद हुई।
प्रबंधिका संतोष रस्तोगी ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक से वार्ता हुई है उन्होंने कहा है पैसा जमा करा दीजिए।
इस पर प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मिश्र ने प्रबंधिका संतोष रस्तोगी एवं पुलिस वालों से कहा कि जब लखनऊ इंटर कॉलेज का ताला खुलवाने के लिए एसीएम के आदेश हो गए थे तो किसी प्रकार के पैसे जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी तथा विद्यालय का ताला पुलिस ने ही खुलवाया था। फिर भी प्रबंधिका संतोष रस्तोगी जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलने उनके कार्यालय चली गई।
प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी मिश्र ने अत्यंत पीड़ा से कहा कि संपूर्ण प्रकरण में विद्यालय प्रशासन की लापरवाही भी रही है क्योंकि जब विद्यालय खाली कराने के एडीएम के आदेश हो गए थे और विद्यालय प्रबंधन का रिकाल आदेश रिजेक्ट हो गया था तो विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रभावी कार्यवाही अत्यंत खेद जनक है।
डॉ मिश्र ने कहा कि संपूर्ण प्रकरण में इसमें जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कुत्सित मंसा परिलक्षित होतीहै। संज्ञान में आया है कि एडीएम नगर पूर्वी द्वारा जो आदेश जारी किया गया था उस आदेश की प्रति की प्रति पहले विपक्षी पार्टी को दे दी गई और उसके पश्चात विद्यालय प्रबंधिका को आवेदन करने पर मिली। इसी के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा यह कहा जाना कि पहले निर्धारित शुल्क जमा कराकर आदेश लेने के बाद विद्यालय खुलवाने की बात कहा जाना विपक्षी पार्टी को माननीय उच्च न्यायालय में जाने के लिए समय देना ही दर्शाता है।
डॉ मिश्र ने कहा कि एडीएम (नगर पूर्वी) का निर्णय भी बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि विद्यालय की संपत्ति जो माध्यमिक शिक्षा परिषद में बंधक है और इस आधार पर मान्यता मिली है वहां 243 लड़कियां पढ़ रही है तथा शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय संचालित किया जाता है तथा उसका नियंत्रण भी है। बिना सोचे समझे एडीएम द्वारा विद्यालय खाली कराए जाने का आदेश दिया आदेश दिया जाना भी बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।
डा. आर.पी. मिश्र- प्रादेशिक उपाध्यक्ष/प्रवक्ता एवं संरक्षक अनिल शर्मा- जिलाध्यक्ष, महेश चंद्र- जिलामंत्री।
