राज्यपाल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वाँ दीक्षोत्सव सम्पन्

संवाददाता।
-1.25 लाख से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियाँ, 111 मेधावियों को 204 पदक प्रदान
-दीक्षा का अर्थ सीखने की शुरुआत – डिग्री आपके हाथ में, देश की जिम्मेदारी आपके कंधों पर : मंत्री रजनी तिवारी
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वाँ दीक्षोत्सव सम्पन्न हुआ। दीक्षोत्सव में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 57,166 छात्र तथा 68,119 छात्राएँ शामिल हैं। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 111 मेधावी विद्यार्थियों को 204 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 81 छात्राएँ और 30 छात्र शामिल रहे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षा का अर्थ सीखने की शुरुआत है। आज औपचारिक शिक्षा पूरी हुई, लेकिन असली शिक्षा अब शुरू होगी। डिग्री आपके हाथ में है और देश की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।
उन्होंने कहा कि आज पदक लेने वालों में लगभग 75 प्रतिशत बेटियां थीं, यही बदलता हुआ भारत और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन की ओर बढ़ता कदम है। विद्या सबसे बड़ा धन है और आप उसके संवाहक बनकर निकल रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय कोई साधारण विश्वविद्यालय नहीं, यह ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालय है, इसलिए आपसे अपेक्षाएं भी अधिक हैं।
मंत्री तिवारी ने युवाओं से तकनीक के सदुपयोग और दुरुपयोग को समझने, भटकाव और प्रलोभन से बचकर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृद्धों, महिलाओं का सम्मान, जलवायु और मिट्टी का संवर्धन आवश्यक है। भारत आज 12वीं से चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है और यदि युवा कौशल, नवाचार और परिश्रम पर ध्यान दें तो 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में NAC में A++ रैंकिंग, QS एशिया और वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान मिला है। सरकार ने शिक्षा की क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर भी काम किया है। शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज उपलब्ध कराया गया है।
